भारत में बने आईफोन पर अमेरिका में 25% टैरिफ नहीं: स्मार्टफोन्स पर टैरिफ का फैसला बाद में; वहां बिक रहे 78% आईफोन मेड इन इंडिया

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में भारत की अहम भूमिका
हाल ही में अमेरिका ने चीन से आयातित कुछ टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि भारत में बने iPhones पर ये टैरिफ लागू नहीं होगा। अमेरिकी बाजार में बिक रहे लगभग 78% iPhones अब ‘Made in India’ हैं, और इस फैसले से भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि ये फैसला कितना अहम है, इसका भारत और अमेरिकी यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा, और Apple की भारत में मैन्युफैक्चरिंग को लेकर क्या रणनीति है।

अमेरिका का टैरिफ फैसला: किन प्रोडक्ट्स पर लागू?

अमेरिका ने 2024 में चीन से आने वाले कुछ मुख्य प्रोडक्ट्स पर 25% टैरिफ लगाया है। इनमें शामिल हैं:

  • चिप मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी
  • सोलर पैनल
  • इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियां
  • स्टील और एलुमिनियम
  • मेडिकल प्रोडक्ट्स

हालांकि, स्मार्टफोन्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर फिलहाल यह टैरिफ लागू नहीं किया गया है। लेकिन ये “अस्थायी राहत” मानी जा रही है क्योंकि अमेरिका जल्द ही इन प्रोडक्ट्स पर भी विचार कर सकता है।

भारत में बनी iPhone यूनिट्स क्यों हैं सेफ?

भारत में iPhones का निर्माण मुख्य रूप से Foxconn, Pegatron और Wistron जैसी कंपनियों के ज़रिए होता है। ये कंपनियां Apple के साथ मिलकर चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे में उत्पादन कर रही हैं। अमेरिका के टैरिफ का असर केवल चीन से आयातित प्रोडक्ट्स पर है। इसलिए:

  • भारत में बना iPhone → टैरिफ से छूट
  • चीन में बना iPhone → 25% तक महंगा हो सकता है

अमेरिकी बाजार में भारत निर्मित iPhone की हिस्सेदारी

Apple ने 2023 के अंत तक भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग में तेज़ी लाई। Statista और Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार:

वर्षअमेरिका में भारत-निर्मित iPhones की हिस्सेदारी
202110%
202225%
202357%
202478% (वर्तमान स्थिति)

इस आंकड़े से साफ़ है कि Apple अब चीन पर निर्भरता घटाकर भारत को प्राथमिकता दे रहा है।

भारत के लिए क्या है फायदा?

  1. नौकरी में वृद्धि – Foxconn और अन्य मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के ज़रिए हज़ारों युवाओं को रोजगार मिला है।
  2. भारत को मिला वैश्विक भरोसा – iPhone जैसे प्रीमियम प्रोडक्ट का निर्माण भारत में होना निवेशकों के लिए बड़ा सिग्नल है।
  3. एक्सपोर्ट बढ़ा – भारत से अमेरिका में iPhone एक्सपोर्ट की मात्रा और वैल्यू दोनों में वृद्धि हुई है।
  4. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर – उन्नत मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाएं अब भारत में भी लागू हो रही हैं।

Apple की भारत में उत्पादन रणनीति

Apple ने भारत को अपना ‘आशियाई हब’ बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं:

  • Foxconn का $1 बिलियन निवेश
  • Pegatron की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
  • Wistron की यूनिट Tata द्वारा अधिग्रहित
  • भारतीय सप्लायर्स से पार्टनरशिप जैसे कि Sunwoda, Dixon Technologies

इन प्रयासों का उद्देश्य है कि आने वाले समय में भारत से ही iPhone 15 और iPhone 16 जैसी अगली जनरेशन के स्मार्टफोन्स का उत्पादन हो।

Apple के लिए भारत क्यों है अहम?

Apple के CEO Tim Cook ने 2023 में भारत दौरे के दौरान कहा था:

“India is an exciting market and a strategic focus for us.”

कुछ प्रमुख कारण:

  • भारत में बढ़ती मिडिल क्लास और प्रीमियम फोन की डिमांड
  • पॉलिटिकल स्टेबिलिटी और कारोबारी अनुकूल माहौल
  • भारत सरकार की PLI स्कीम (Production Linked Incentive)
  • भारत की भौगोलिक स्थिति (Global Supply Chain के लिए मुफ़ीद)

अमेरिकी ग्राहक पर असर: कीमतें स्थिर रहेंगी?

क्योंकि भारत में बने iPhones पर टैरिफ नहीं है, इसका मतलब अमेरिकी ग्राहकों को iPhone की कीमतों में कोई भारी बदलाव नहीं दिखेगा। खासकर:

  • iPhone 14 और iPhone 15 की कीमतें स्टेबल रहेंगी
  • नए मॉडल (जैसे iPhone 16) में भी भारत की मैन्युफैक्चरिंग से सप्लाई होगा
  • डिलीवरी टाइम और स्टॉक की उपलब्धता बेहतर होगी

स्मार्टफोन पर टैरिफ का खतरा अभी टला नहीं है

हालांकि अभी स्मार्टफोन्स पर टैरिफ नहीं लगाया गया, लेकिन अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा समीक्षा के अधीन है। अगर भविष्य में टैरिफ लगाया जाता है, तो Apple जैसे ब्रांड्स को भारत और वियतनाम जैसे देशों पर और अधिक निर्भर होना पड़ेगा।

भारत सरकार की नीतियों की भूमिका

भारत सरकार की मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और PLI स्कीम जैसी नीतियों ने इस ट्रांज़िशन को सुगम बनाया। iPhone के निर्माण में भारत को चुनने के कारण:

  • सरकार ने टैक्स इंसेंटिव दिए
  • लॉजिस्टिक्स सपोर्ट में सुधार किया
  • मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए
  • ट्रेड पॉलिसीज़ को सरल बनाया

भविष्य का अनुमान: क्या होगा आगे?

भारत:

  • भारत से iPhone एक्सपोर्ट 2025 तक $25 बिलियन तक पहुंच सकता है।
  • भारत में R&D और डिजाइनिंग फैसिलिटी भी Apple शुरू कर सकता है।
  • भारत सरकार नए iPhone मॉडल्स की लॉन्च के समय पर भारत में निर्माण शुरू करने पर जोर दे रही है।

अमेरिका:

  • ग्राहक भारत में बने प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देंगे क्योंकि वे सस्ते होंगे
  • चीन से आयातित प्रोडक्ट्स महंगे हो सकते हैं
  • अमेरिकी प्रशासन चीन से आयात घटाने के लिए और सख्त फैसले ले सकता है

निष्कर्ष

भारत में iPhone का निर्माण केवल एक आर्थिक कदम नहीं, बल्कि एक रणनीतिक बदलाव है। अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए टैरिफ ने भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में एक बड़ा मौका दिया है। Apple जैसे ब्रांड्स भारत में अपने उत्पादन का विस्तार कर रहे हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार, और वैश्विक प्रतिष्ठा को सीधा लाभ हो रहा है।

अब समय आ गया है कि भारत अपनी गुणवत्ता, स्किल और टेक्नोलॉजी के बल पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में चीन को कड़ी टक्कर दे।

(FAQs)

Q1. क्या अमेरिका में भारत में बने iPhones की कीमत कम होगी?
हाँ, क्योंकि इनपर टैरिफ नहीं लगेगा, इसलिए लागत कम होगी और कीमतें स्थिर या थोड़ी कम रह सकती हैं।

Q2. क्या आने वाले समय में सभी iPhone भारत में बनेंगे?
Apple का यही लक्ष्य है कि 2025 तक iPhones का 85-90% हिस्सा भारत से बनाया और एक्सपोर्ट किया जाए।

Q3. भारत में कौन-कौन सी कंपनियां iPhone बना रही हैं?
मुख्य रूप से Foxconn, Pegatron और Wistron (अब Tata Electronics)।

Q4. क्या भारत में बनने वाले iPhone की क्वालिटी चीन से अलग है?
नहीं, Apple का मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड ग्लोबल स्तर पर समान है।

Q5. भारत में बने iPhones भारत में भी बिकेंगे?
हाँ, पहले केवल एक्सपोर्ट होता था, लेकिन अब Apple भारत में बने मॉडल्स को घरेलू बाज़ार में भी बेचता है।

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