रूस में आया दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप: 8.8 तीव्रता, 4 मीटर ऊंची सुनामी उठी; यूएस-जापान तक खतरा, टोक्यो से 20 लाख लोगों को किया गया शिफ्ट

रूस के सुदूर पूर्वी इलाके में मंगलवार को 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसे दुनिया के छठे सबसे बड़े भूकंप के रूप में दर्ज किया गया है। इस विनाशकारी भूकंप के बाद समुद्र में जोरदार हलचल के कारण 4 मीटर तक ऊंची सुनामी की लहरें उठीं। इसके चलते न केवल रूस, बल्कि जापान, अमेरिका और अन्य प्रशांत तटीय देशों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।

विशेष रूप से जापान की राजधानी टोक्यो में हालात चिंताजनक हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 20 लाख लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों की ओर शिफ्ट कर दिया है।

कहां आया भूकंप और कितना था प्रभाव?

भूकंप का केंद्र कमचटका प्रायद्वीप के पास समुद्र के अंदर 45 किलोमीटर गहराई में स्थित था। यह इलाका “Pacific Ring of Fire” का हिस्सा है, जो अत्यधिक भूकंपीय सक्रियता के लिए जाना जाता है। भूकंप के झटके रूस के अलावा जापान, दक्षिण कोरिया और यहां तक कि अमेरिका के अलास्का तट तक महसूस किए गए।

भूकंप के कारण समुद्र तल में तेज उथल-पुथल हुई, जिससे 4 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठीं। रूस के तटीय इलाकों में जलभराव और संपत्तियों को नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।

जापान में आपात स्थिति, टोक्यो से 20 लाख की रिलोकेशन

जापान, जो पहले ही कई बार बड़े भूकंपों और सुनामी का शिकार हो चुका है, ने इस बार तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए टोक्यो के तटीय जिलों से 20 लाख लोगों को हटाने का फैसला लिया

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने देश के उत्तर-पूर्वी और पूर्वी तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से समुद्र के पास न जाने की अपील की गई है। टोक्यो, योकोहामा, चिबा और शिज़ुओका जैसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

अमेरिका और अन्य देशों में भी अलर्ट

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने भी प्रशांत तटवर्ती क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है। अलास्का, हवाई और पश्चिमी तटीय राज्यों में राहत दल सक्रिय कर दिए गए हैं।

फिलीपींस, इंडोनेशिया, और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने भी अपने-अपने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दलों को तैयार कर दिया है।

जान-माल का नुकसान

अब तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के कुछ द्वीपीय इलाकों में कम से कम 14 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि नुकसान का पूरा आकलन आने में समय लगेगा क्योंकि कई दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है।

भारतीय दूतावास की स्थिति

रूस, जापान और अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावासों ने NRI समुदाय और भारतीय पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अब तक किसी भारतीय के हताहत होने की खबर नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री और सहायता भेजने की घोषणा की है।

वैज्ञानिकों की चेतावनी

भूकंप विज्ञानियों का मानना है कि यह एक “Mega Thrust Earthquake” था, जो दो टेक्टॉनिक प्लेट्स के बीच तीव्र तनाव से उत्पन्न हुआ। ऐसे भूकंपों के बाद कई बार आफ्टरशॉक्स और दूसरे क्षेत्रों में हलचल देखी जाती है।

विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अगले 48 घंटे तक प्रशांत क्षेत्र में और झटके आ सकते हैं, जिससे सुनामी का खतरा बना रह सकता है।

भारत में प्रभाव की संभावना?

भारत भले ही इस भूकंप के सीधे प्रभाव क्षेत्र में नहीं आता, लेकिन भारत के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में समुद्र के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि भारत को तत्काल कोई खतरा नहीं है, पर स्थिति पर सतत निगरानी जारी है।

निष्कर्ष

रूस में आया यह शक्तिशाली भूकंप पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी और कहीं भी आ सकती हैं। वैज्ञानिकों और प्रशासन के अनुसार, इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए हमें और अधिक सजग, सुसज्जित और तैयार रहने की जरूरत है।

वर्तमान में रूस, जापान और अमेरिका के तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट है, और मानव जीवन की रक्षा के लिए आपातकालीन टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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