हरियाली तीज पर बना महालक्ष्मी योग, 5 राशि वालों पर होगी नोटों की बारिश, शिव-पार्वती देंगे सुख का वरदान

हरियाली तीज और ज्योतिष का अद्भुत संयोग

हरियाली तीज का पर्व हिंदू संस्कृति में अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से फलदायी माना जाता है। यह दिन शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक होता है और खासकर सुहागन स्त्रियों के लिए विशेष महत्व रखता है। वर्ष 2025 में हरियाली तीज एक विशेष महालक्ष्मी योग के साथ आ रही है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार हरियाली तीज पर चंद्रमा और शुक्र की विशेष युति बन रही है, जिससे महालक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है। यह योग न केवल व्रत-उपवास करने वालों को सौभाग्य देगा, बल्कि कुछ राशियों के लिए यह दिन आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत शुभ रहने वाला है।

महालक्ष्मी योग क्या है?

महालक्ष्मी योग तब बनता है जब शुक्र और चंद्रमा एक विशेष स्थिति में आते हैं और वृषभ, तुला या कर्क राशि में शुभ दृष्टि बनाते हैं। यह योग व्यक्ति के जीवन में ऐश्वर्य, धन, सुख और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

हरियाली तीज 2025: दिनांक और मुहूर्त

विवरणजानकारी
पर्व का नामहरियाली तीज
तिथि1 अगस्त 2025
दिनशुक्रवार
शुभ मुहूर्त (पूजा)सुबह 6:15 बजे से 8:45 बजे तक
तृतीया तिथि प्रारंभ31 जुलाई को रात 11:10 बजे
तृतीया तिथि समाप्त1 अगस्त को रात 9:35 बजे तक

धार्मिक महत्व और परंपरा

हरियाली तीज का त्योहार मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए शिव-पार्वती का पूजन करती हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार

कहा जाता है कि इस दिन माता पार्वती ने कठोर तप के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए हरियाली तीज को ‘श्रृंगार तीज’ भी कहा जाता है, जहां स्त्रियां नए वस्त्र धारण कर, मेहंदी लगाकर, झूला झूलती हैं और पारंपरिक लोक गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना देती हैं।

महालक्ष्मी योग में किन राशियों पर होगी विशेष कृपा?

इस विशेष योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन नीचे दी गई 5 राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह दिन अद्भुत फलदायी सिद्ध हो सकता है:

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महालक्ष्मी योग अत्यंत शुभ है। कार्यक्षेत्र में उन्नति के योग बनेंगे और रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। नए निवेश में लाभ मिलने की प्रबल संभावना है।

उपाय: माता लक्ष्मी के चरणों में कमल का फूल अर्पित करें।

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि वालों को इस दिन नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। पुराने कर्ज से मुक्ति का मार्ग खुलेगा। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।

उपाय: चांदी की लक्ष्मी मूर्ति की पूजा करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन भाग्योदय लेकर आएगा। अगर आप किसी सरकारी परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, तो सफलता मिल सकती है। संपत्ति से संबंधित विवाद सुलझ सकते हैं।

उपाय: हल्दी से लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति का पूजन करें।


तुला राशि (Libra)

तुला राशि वालों को इस दिन अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है। पुराने निवेश से लाभ, नए अवसरों का द्वार खुलना और परिवार में कोई शुभ कार्य के योग बन सकते हैं।

उपाय: शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनकर माता लक्ष्मी की आरती करें।


मीन राशि (Pisces)

मीन राशि के लिए यह महालक्ष्मी योग आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक संतुलन लेकर आएगा। घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बनेगा। व्यवसाय में नई साझेदारी लाभदायक हो सकती है।

उपाय: केसर और चंदन से लक्ष्मी यंत्र का अभिषेक करें।

इस दिन के विशेष उपाय: कैसे पाएं मां लक्ष्मी की कृपा?

  1. लक्ष्मी कवच का पाठ करें: महालक्ष्मी योग में लक्ष्मी कवच का पाठ करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है।
  2. झूला झुलाएं: माता पार्वती को झूला झुलाने की परंपरा निभाएं, इससे वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है।
  3. सुहाग सामग्री का दान करें: लाल वस्त्र, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि का दान करना शुभ होता है।
  4. शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें: इससे वैवाहिक जीवन में प्रेम और स्थिरता आती है।
  5. श्री यंत्र की स्थापना करें: इस दिन श्री यंत्र की स्थापना कर उसका पूजन करें, तो धन में स्थायित्व आता है।

ज्योतिषियों की राय: क्यों है यह योग इतना खास?

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जब शुक्र और चंद्रमा एक शुभ दृष्टि में आते हैं, और वह भी तृतीया तिथि पर, तो यह योग अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी होता है। विशेषकर जब यह हरियाली तीज जैसे पर्व के दिन बनता है, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

महिलाओं के लिए विशेष संयोग

यह दिन महिलाओं के लिए अत्यंत फलदायी है। सौभाग्य, प्रेम, सौंदर्य और समर्पण का प्रतीक यह पर्व उनके जीवन में स्थायित्व और आनंद की ऊर्जा का संचार करता है। महालक्ष्मी योग के कारण इस बार किए गए व्रत और पूजन का प्रभाव दीर्घकालिक होगा।

समाज में उत्सव का माहौल

हरियाली तीज का उत्सव ना केवल धार्मिक है बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक आनंद का भी प्रतीक है। इस दिन मेले लगते हैं, स्त्रियां पारंपरिक गीत गाती हैं और झूला झूलती हैं। यह पर्व महिलाओं के आत्मबल और सौंदर्य की अभिव्यक्ति का दिन भी माना जाता है।

निष्कर्ष: हरियाली तीज का पर्व – अध्यात्म, भक्ति और सौभाग्य का संगम

हरियाली तीज 2025 पर बन रहा महालक्ष्मी योग एक दुर्लभ ज्योतिषीय घटना है जो कुछ विशेष राशियों के लिए धन, समृद्धि और सौभाग्य का द्वार खोल सकता है। यह दिन ना केवल धार्मिक रूप से बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति का प्रतीक बन सकता है।

शिव-पार्वती की पूजा, व्रत, ध्यान और दान-पुण्य जैसे कार्य इस दिन और भी प्रभावशाली होंगे। यदि श्रद्धा और विश्वास से किया जाए तो यह दिन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध हो सकता है।

हरियाली तीज का पर्व हर किसी के लिए एक शुभ संदेश लेकर आता है — “सौभाग्य, प्रेम और शांति”। ऐसे में इस शुभ दिन को पूर्ण निष्ठा और उल्लास से मनाएं और महालक्ष्मी योग का पूर्ण लाभ उठाएं।

FAQs: हरियाली तीज और महालक्ष्मी योग से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q1: महालक्ष्मी योग कब बनता है?
उत्तर: जब शुक्र और चंद्रमा शुभ स्थिति में एक साथ होते हैं और तृतीया तिथि हो, तब महालक्ष्मी योग बनता है।

Q2: क्या यह योग हर साल बनता है?
उत्तर: नहीं, यह एक दुर्लभ योग है जो विशेष ग्रह-नक्षत्र स्थिति में ही बनता है।

Q3: इस दिन क्या विशेष पूजा करनी चाहिए?
उत्तर: शिव-पार्वती और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा, श्री यंत्र स्थापना, और सुहाग सामग्री का दान करें।

Q4: कौन सी राशियों को विशेष लाभ होगा?
उत्तर: वृषभ, कर्क, सिंह, तुला और मीन राशि वालों को विशेष लाभ होगा।

Q5: क्या पुरुष भी व्रत रख सकते हैं?
उत्तर: हां, अगर पुरुष श्रद्धा से शिव-पार्वती का पूजन करते हैं तो उन्हें भी पुण्य प्राप्त होता है।

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