भारत के नए उपराष्ट्रपति का चुनाव अब तय हो चुका है। 9 सितंबर 2025 को देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद के लिए मतदान होगा। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपा था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया है। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2025 तय की गई है।
मुख्य बातें एक नजर में
बिंदु | जानकारी |
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चुनाव की तारीख | 9 सितंबर 2025 |
नामांकन की अंतिम तिथि | 21 अगस्त 2025 |
स्क्रूटिनी की तारीख | 23 अगस्त 2025 |
नाम वापसी की अंतिम तिथि | 26 अगस्त 2025 |
मौजूदा उपराष्ट्रपति | जगदीप धनखड़ (इस्तीफा दे चुके हैं) |
पद की रिक्ति की तारीख | 21 जुलाई 2025 |
पद की अवधि | 5 वर्ष |
मतदान प्रक्रिया | गुप्त मत द्वारा, एकल संक्रमणीय मत प्रणाली |
मतदाता कौन होते हैं | लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य |
क्यों दिया इस्तीफा जगदीप धनखड़ ने?
21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा। आधिकारिक तौर पर इस्तीफे का कारण “निजी कारण” बताया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावों से जुड़ी रणनीति बताया जा रहा है। उनके इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को चुनाव की तिथि घोषित कर दी।
उपराष्ट्रपति की भूमिका क्या होती है?
भारत के उपराष्ट्रपति का संवैधानिक दर्जा बहुत महत्वपूर्ण है। वह:
- राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) होते हैं।
- राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, मृत्यु, इस्तीफा या अयोग्यता की स्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति का दायित्व निभाते हैं।
- उन्हें संविधान के अनुच्छेद 63 से 70 तक अधिकार प्राप्त हैं।
उपराष्ट्रपति बनने की योग्यता
भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनने के लिए निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए:
योग्यताएं | विवरण |
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भारतीय नागरिकता | अनिवार्य |
न्यूनतम आयु | 35 वर्ष |
राज्यसभा का सदस्य बनने की पात्रता | जरूरी है |
लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए | कोई भी सरकारी पद न हो (कुछ अपवाद छोड़कर) |
चुनाव प्रक्रिया: कैसे चुना जाता है उपराष्ट्रपति?
उपराष्ट्रपति का चुनाव गुप्त मत द्वारा एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) से होता है। यह चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के तहत होता है।
मतदान कौन करता है?
केवल संसद सदस्य (MPs) ही उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं।
मतदाता वर्ग | संख्या |
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लोकसभा सदस्य | 543 |
राज्यसभा सदस्य | 245 |
कुल मतदाता | 788 |
नोट: राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत, उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य मतदान नहीं करते।
नामांकन की प्रक्रिया
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया काफी पारदर्शी और नियमबद्ध होती है:
- नामांकन दाखिल करना – प्रत्याशी को चुनाव आयोग द्वारा जारी नामांकन पत्र भरना होता है।
- समर्थन और प्रस्तावक – हर नामांकन के लिए कम से कम 20 सांसदों का समर्थन और 20 सांसदों का प्रस्ताव जरूरी होता है।
- जमा राशि – ₹15,000 की सुरक्षा राशि जमा करनी होती है, जो हारने की स्थिति में जब्त की जा सकती है।
- स्क्रूटिनी – 23 अगस्त को सभी नामांकन की वैधता की जांच की जाएगी।
- नाम वापसी – प्रत्याशी 26 अगस्त तक अपना नाम वापस ले सकता है।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की संभावित दावेदारी
अभी तक किसी पार्टी ने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं। इनमें से कुछ हैं:
- भाजपा की ओर से एक वरिष्ठ नेता या संघ विचारक
- विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से कोई सहमति आधारित चेहरा
- क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार
क्या है मतदान और मतगणना की प्रक्रिया?
- मतदान का दिन – सांसदों को विशेष रूप से निर्धारित मतदान केंद्र में जाकर गुप्त मत डालना होता है।
- एकल संक्रमणीय वोट प्रणाली – मतदाता अपनी पसंद अनुसार क्रम में उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं (1, 2, 3…)
- मतगणना प्रक्रिया – मतों की गणना प्राथमिकता के अनुसार होती है, और यदि किसी को पहले दौर में बहुमत नहीं मिलता तो सबसे कम मत पाने वाला बाहर हो जाता है और उसके मत अन्य प्रत्याशियों में वितरित होते हैं।
- जीत का आधार – जिस उम्मीदवार को कुल वैध मतों के 50% से अधिक पहली प्राथमिकता वाले वोट मिलते हैं, वह विजयी घोषित होता है।
अब तक के भारत के उपराष्ट्रपति
नाम | कार्यकाल | विशेष उपलब्धि |
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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 1952-1962 | भारत के पहले उपराष्ट्रपति |
ज़ाकिर हुसैन | 1962-1967 | बाद में राष्ट्रपति बने |
भैरोंसिंह शेखावत | 2002-2007 | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री |
हामिद अंसारी | 2007-2017 | लगातार दो कार्यकाल में उपराष्ट्रपति |
वेंकैया नायडू | 2017-2022 | बीजेपी के वरिष्ठ नेता |
जगदीप धनखड़ | 2022-2025 (इस्तीफा दिया) | पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल |
चुनाव आयोग की तैयारी
चुनाव आयोग ने बताया है कि:
- मतपत्र की प्रिंटिंग से लेकर मतगणना तक, पूरी प्रक्रिया गोपनीयता और पारदर्शिता से की जाएगी।
- सभी मतदान केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTV निगरानी और केंद्रीय बल की तैनाती होगी।
- मतदान के दिन ही मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
भारत का उपराष्ट्रपति पद सिर्फ एक प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी से भरा हुआ पद है। 9 सितंबर 2025 को होने वाले इस चुनाव में देश की राजनीति एक बार फिर अपनी दिशा तय करेगी। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन इस अहम पद तक पहुंचता है और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में अपनी भूमिका निभाता है।